विकलांगता और समय
यदि विकलांग व्यक्ति घर से निकलने में समर्थ है तो उसके लिए स्थानीय स्तर पर पुस्तकालय, सांस्कृतिक मंच, खेलकूद, साहित्यिक गोष्ठियाँ जैसी समावेशी गतिविधियाँ उपलब्ध होती हैं जिसमें वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं और समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।









